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कविगण
चुनिंदा कविताएँ
आदिम-भय
इब्तिदा-ऐ-इश्क है रोता है क्या
उनका डर
एलान
ऐ इन्सानों
ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया
ऐ हुस्न-ए-बेपरवाह तुझे शबनम कहूँ शोला कहूँ
कटेगा देखिए दिन जाने किस अज़ाब के साथ
कनुप्रिया – आम्र-बौर का गीत
कालिदास
काहे को ब्याहे बिदेस
कुकुरमुत्ता
खुसरो के मुकरियां
ग़मे-आशिक़ी से कह दो
गोसांऊंनी गीत
चंद्रयात्रा और नेता का धंधा
छाप-तिलक तज दीन्हीं रे तोसे नैना मिला के
ज़मीं पे फ़स्ल-ए-गुल आई फ़लक पर माहताब आया
झांसी की रानी
टूटा पहिया
तिल्ली सिंह
तीनों बन्दर बापू के
तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो
तू ज़िन्दा है तू ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर
तू धूल-भरा ही आया
कथनी-करणी का अंग – कबीर के दोहे
न जी भर के देखा न कुछ बात की
नगरकथा
नर हो न निराश करो मन को
पद्मावत का जोगी-खंड
परचै राम रमै जै कोइ
प्रयाणगीत
प्रियतम
फागुन के दिन चार होली खेल मना रे
बटगमनी
बारहमासा
बीती विभावरी जाग री
ब्रह्मराक्षस
भगबती गीत
भाई रे रांम कहाँ हैं मोहि बतावो
भारत महिमा
भारतेंदु हरिश्चंद के पद
भीगी हुई आँखों का ये मन्ज़र न मिलेगा
भूइयां के गीत
रक़ीब से
रसखान के दोहे
मातृभाषा प्रेम पर दोहे
लड्डू ले लो
वसंत
वहाँ कौन है तेरा, मुसाफ़िर, जाएगा कहाँ
शक्ति और क्षमा
शाम-ए-ग़म कुछ उस निगाह-ए-नाज़ की बातें करो
शासन की बंदूक
श्री रामचँद्र कृपालु भजु मन
सत्य
सपना
सरसिज बिनु सर सर
सर फ़रोशी की तमन्ना
सैसव जौवन दुहु मिल गेल
हनुमान चालीसा
स्तुति-खंड
हमने तो रगड़ा है
रहीम के दोहे
रहीम के दोहे (भाग 2)
हस्ती अपनी होबाब की सी है
हर ज़ोर-जुल्म की टक्कर में
हे मातृभूमि
हास्याष्टक
सूरदास की रचनाएँ
श्रीकृष्ण बाल-माधुरी
सूरदास के पद
मीरा भजनमाला
मीराबाई के सुबोध पद
विविध – कबीर के दोहे
जीवन-मृतक का अंग – कबीर के दोहे
गुरुदेव का अंग – कबीर के दोहे
चितावणी का अंग – कबीर के दोहे
पतिव्रता का अंग – कबीर के दोहे
जर्णा का अंग – कबीर के दोहे
चांणक का अंग – कबीर के दोहे
बेसास का अंग – कबीर के दोहे
कामी का अंग – कबीर के दोहे
सम्रथाई का अंग – कबीर के दोहे
सूरातन का अंग – कबीर के दोहे
उपदेश का अंग – कबीर के दोहे
मधि का अंग – कबीर के दोहे
साध का अंग – कबीर के दोहे
भेष का अंग – कबीर के दोहे
मन का अंग – कबीर के दोहे
संगति का अंग – कबीर के दोहे
सांच का अंग – कबीर के दोहे
भ्रम-बिधोंसवा का अंग – कबीर के दोहे
माया का अंग – कबीर के दोहे
रस का अंग – कबीर के दोहे
विरह का अंग – कबीर के दोहे
साध-असाध का अंग – कबीर के दोहे
सुमिरण का अंग – कबीर के दोहे
सांच का अंग – कबीर के दोहे
भ्रम-बिधोंसवा का अंग – कबीर के दोहे
माया का अंग – कबीर के दोहे
रस का अंग – कबीर के दोहे
विरह का अंग – कबीर के दोहे
साध-असाध का अंग – कबीर के दोहे
सुमिरण का अंग – कबीर के दोहे
उध्दव जी के कवित्त
कहानियां
प्रेमचन्द
गोदान (भाग 1)
गोदान (भाग 2)
त्रिया-चरित्र
मनावन
मानसरोवर भाग 1
मानसरोवर भाग 2
मानसरोवर भाग 3
मिलाप
हे भले आदमियो !
भाषाविज्ञान
गद्य
दर्शन व आध्यात्म
दस महाव्रत
October 7, 2026
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