हे मातृभूमि

हे मातृभूमि

राम प्रसाद बिस्मिल

हे मातृभूमि ! तेरे चरणों में शिर नवाऊँ ।
मैं भक्ति भेंट अपनी, तेरी शरण में लाऊँ ।।

माथे पे तू हो चंदन, छाती पे तू हो माला ;
जिह्वा पे गीत तू हो मेरा, तेरा ही नाम गाऊँ ।।

जिससे सपूत उपजें, श्री राम-कृष्ण जैसे;
उस धूल को मैं तेरी निज शीश पे चढ़ाऊँ ।।

माई समुद्र जिसकी पद रज को नित्य धोकर;
करता प्रणाम तुझको, मैं वे चरण दबाऊँ ।।

सेवा में तेरी माता ! मैं भेदभाव तजकर;
वह पुण्य नाम तेरा, प्रतिदिन सुनूँ सुनाऊँ ।।

तेरे ही काम आऊँ, तेरा ही मंत्र गाऊँ।

4 Responses

  1. sujatha
    sujatha July 22, 2011 at 7:27 pm | | Reply

    Hi, This is Sujatha eagerly searching for this song.

    very thankful to u giving the script. now we are eagerly waiting to listen the tune for this wonderful song. Can u please make sure to upload the tune as soon a possible.

    Thank you

    Sujatha.

    1. nkchoudhary
      nkchoudhary July 22, 2011 at 7:38 pm | | Reply

      Is there any song rendition also for it? I am not aware of it.
      If you could tell me where it appear I may try to find it for you.
      Thanks.

  2. vijay
    vijay August 27, 2013 at 11:10 am | | Reply

    hae matrabhomi trei sada jay ho vijay ho tere vishal nabh me shukh surya ka uday ho

    isi kamna ke sath mai uprokat kvita se sahmat hoo. matrabhuni ke hmejitana bhi kiya jay kae hai

    bhut sundar pangtiya hai.

  3. तीक्नलाल शर्मा
    तीक्नलाल शर्मा July 29, 2014 at 2:17 pm | | Reply

    क्या यह गीत रामप्रसाद बिस्मल ने लिखा था अगर नही तो किस ने?

    6

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